हमेशा सबकी मदद करने के लिए आगे रहिये , पर खुद को पीछे मत छोड़ दीजिये –
माँ को हार्ट अटैक पड़ा था | मेजर हार्ट अटैक | वो अस्पताल के बिस्तर पर पर
लेटी थी | इतनी कमजोर इतनी लाचार
मैंने उन्हें पहले कभी नहीं देखा था | तभी डॉक्टर कमरे में आया | माँ का चेकअप करने के बाद बोला | इनका पेस मेकर बहुत
वीक है | माताजी आप को पहले कभी कोई
अंदाजा नहीं हुआ | माँ , धीमे से बोली ," कभी सीढियां चढ़ते हुए लगता
था , फिर सोंचा उम्र बढ़ने का असर होगा | या काम करते हुए थक जाती तो जरा लेट लेती | बस ! डॉक्टर मुस्कुराया ," खुद के प्रति इतनी लापरवाही
तभी तो आपका दिल केवल १५ % काम कर रहा है | डॉक्टर फ़ाइल मुझे पकड़ा कर
चला गया | अरे ! निधि तू डॉक्टर की
बातों में मत आना , मैं ठीक हूँ , चिंता मत कर | माँ ने अपने चिर परिचित
अंदाज़ में कहा | और मैं याद करने लगी ,"ये मैं ठीक हूँ " के इतिहास को | पिछले ३२ साल से मैं माँ के मुँह से यही सुनती आ रही थी | हम सब को बुखार आता , खांसी , जुकाम , मलेरिया जाने क्या - क्या
होता | माँ सब की सेवा करती , प्रार्थनाएं करती | माँ को कभी बीमार पड़ते नहीं
देखा | हां ! इतना जरूर देखा की कभी सर पर पट्टी बाँध कर खाना बना रही हैं , पूंछने पर ," अरे कुछ नहीं , जरा सा सर दर्द हैं | मैं ठीक हूँ | बुखार में बर्तन माँज रही
हैं और मुस्कुरा कर कह रही हैं , बुखार की दवा ले ली है , अभी उतर जाएगा , मैं ठीक हूँ | गला इतना पका है की बोला नहीं जा रहा है तो ईशारे से बता रही हैं
अदरक की चाय ले लूँगी , मैं ठीक हूँ | धीरे - धीरे हम सब पर माँ के इस मैं ठीक हूँ का असर इतना ज्यादा हो
गया की हमें लगने लगा माँ को भगवान् ने किसी विशेष मिटटी से बनाया है जो वो हमेशा
ही ठीक रहती हैं | माँ अपने खाने का ध्यान
नहीं रखती फिर भी वो ठीक रहती हैं , वो पूरी नींद सोती नहीं , फिर भी वो ठीक रहती है , वो दिन भर काम करके भी थकती
नहीं ठीक रहती है |
